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प्राकृतिक चिकित्सा दिवस हेतु - आह्वान


 

प्राकृतिक चिकित्सा के सामूहिक विकास हेतु INO चेयरमैन श्री जयप्रकाश जी ने 20 दिन "जल उपवास"पर रह कर "भारत जगाओ सत्याग्रह किया, जिसका समापन 2 अक्टूबर, 2002 को राजघाट (नई दिल्ली) में हुआ। सत्याग्रह में देश के विभिन्न प्रांतो के प्राकृतिक चिकित्सक व प्रतिष्ठ महानुभावों का समर्थन व सहयोग मिला।

 

प्राकृतिक चिकित्सा के प्रचार प्रसार हेतु वर्ष 2002 से INO द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के रूप में मानने की शुरुआत की गई। उस समय भारत सर्कार द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा-योग, आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार व समग्र विकास के लिए "इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन एंड होमियोपैथी (ISM&H Deptt.) विभाग संचालित होता था।  INO के आग्रह पर इस विभाग का नाम बदल कर "आयुष विभाग" किया गया।

 

INO द्वारा प्रारम्भ किया गया "प्राकृतिक चिकित्सा दिवस" का आयोजन धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता गया व इस उपलक्ष में प्राकृतिक चिकित्सा जन-जाग्रति हेतु "सेमिनार", "कौन बनेगा स्वस्थ रक्षक प्रतियोगिता", "चित्रकला प्रतियोगिता", जागरूकता रैली व नि:शुल्क शिविरों आदि का आयोजन होता रहा है। INO के निवेदन पर सर्वप्रथम राजस्थान सरकार ने वर्ष 2005 में 2 अक्टूबर को "प्राकृतिक चिकित्सा दिवस" के रूप में घोषित किया, परन्तु INO की मांग थी की केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर पर घोषित करे।

 

नवंबर 2014 में भारत सरकार द्वारा स्वतंत्र आयुष मंत्रालय के गठन के पश्चात् INO के आग्रह से "राष्ट्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड" का गठन माननीय आयुष मंत्री श्री श्रीपाद नाईक ने किया। बोर्ड की प्रथम मीटिंग में ही प्राकृतिक चिकित्सा दिवस की चर्चा की गई। आयुष मंत्रालय ने दिनांक 20 दिसंबर, 2017 को माननीय मंत्री जी की अध्यक्षता में आयोजित तीसरी बोर्ड मीटिंग में पुनः प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर चर्चा की गई जिसमे प्रतिवर्ष 18 नवंबर को प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के रूप में मानने की घोषणा माननीय मंत्री जी ने INO के संस्थापक-चेयरमैन श्री जयप्रकाश अग्रवाल जी श्रीमुख से कराई। इस प्रकार आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने 18 नवंबर को प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के रूप में घोषित किया। यह निर्णय भारत को स्वस्थ्य के क्षेत्र में स्वावलम्बी बनाने की दिशा में एक सकरात्मक कदम है साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

 

16 वर्ष से "प्राकृतिक चिकित्सा दिवस" के आयोजन में सहयोगी रहे आप सभी का INO पुनः हार्दिक अभिनंदन व आभार प्रकट करता है।

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